ATM Full Form: एटीएम का फुल फॉर्म क्या है?

ATM का Full Form क्या है और एटीएम को हिंदी में क्या कहते? वैसे तो ATM का यूज़ ज्यादातर लोग करते हैं परंतु ATM की पूरी जानकारी बहुत कम ही लोगों को पता होती है जैसे ATM का फुल फॉर्म क्या होता है, ATM का उपयोग कैसे करें, एटीएम कितने प्रकार के होते है, ATM कार्य कैसे करता है आदि तो ऐसे प्रश्नों के जवाब देने हेतु ही इस लेख को बनाया है जिसे अंतर जरूर पढ़ें.

ATM का Full Form क्या है ऐसे प्रश्न अक्सर Competitive Exams में भी पूछ लिए जाते हैं परंतु सही जानकारी ना होने के कारण students गलत answer पर टिक कर देते हैं जिससे उनके अंक कट जाते हैं इसलिए आज हम ATM का फुल फॉर्म और एटीएम से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्राप्त कराएंगे. 

बहुत लोग ऐसे भी होते हैं जो कि ATM का गलत अर्थ निकाल लेते हैं जैसे की ATM का फुल फॉर्म Any Time Money जो कि वास्तव सही नहीं होता है. ATM machine को विश्व के विभिन्न देशों मैं अलग-अलग नामों से जाना जाता है जैसे Cash Point, Cash Machine, Mini Bank और “Hole in the Wall” आदि शब्दों का प्रयोग  किया जाता है. कनाडा में, एटीएम को ABM (Automatic Banking Machine) के नाम से जाना जाता है. तो चलिए आज जान लेते हैं कि ATM का सही full form वास्तव में क्या होता है.

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एटीएम का पूरा नाम क्या है

एटीएम का फुल फॉर्म क्या है
एटीएम का फुल फॉर्म क्या है

ATM का full form Automated Teller Machine होता है.

A – Automated
T – Teller
M – Machine

ATM एक तरह का Electro-Mechanical मशीन है जिसका अविष्कार John Shepherd-Barron ने किया और इसका सर्ब प्रथम प्रयोग लंदन में सन 1967 में किया गया. एटीएम की मदद से आप बिना बैंक गये जब भी चाहें पैसे निकल सकते हो. 

ATM का हिंदी में फुल फॉर्म – Full Form of ATM in Hindi

एटीएम का हिंदी में फुल फॉर्म “स्वचालित टेलर मशीन” होता है.

  • ए – स्वचालित
  • टी – टेलर
  • म – मशीन

ATM के अन्य Full Form

ATM की इंग्लिश में और भी कई मीनिंग या फूल फॉर्म होती हैं जिन्हें इस प्रकार जानते हैं.

  • ATM – Air Traffic Management (Aviation terminologies में)
  • ATM – Asynchronous Transfer Mode (I.T. Sector में ) यह एक telecommunications concept होता है जिसे ANSI और ITU के द्वारा define किया गया है
  • ATM – Association of Teachers of Mathematics (यह एक Non-profit organization and Registered charity है United Kingdom की)
  • ATM – Angkatan Tentera Malaysia (Malaysian Armed Forces)

एटीएम क्या है? What is ATM

“ATM ऑटोमेटेड टेलर मशीन है जो एक कम्प्यूटरीकृत मशीन है जो बैंकों के ग्राहकों को नकदी का वितरण करने, अपने खाते (account) तक पहुंचने व अन्य वित्तीय और गैर-वित्तीय (financial and non-financial) लेनदेन करने की सुविधा प्रदान करती है, जिससे आपको उस बैंक की शाखा में जाने की ज़रूरत नहीं पड़ती है.”

एटीएम का इस्तेमाल मुख्य रूप से पैसे निकालने के लिए किया जाता है. ATM एक electronic telecommunications device है जिसका उपयोग वित्तीय लेनदेन करने मे किया जाता है जैसे नगद निकासी, जमा, money transfer आदि बिना बैंक गये किया जाता है. ATM मशीन ने हमारी बैंकिंग प्रक्रिया को बहुत ही सरल बना दिया है क्योंकि यह एक Automatic machine हैं और इनसे पैसे निकालने के लिए किसी Cashier की जरुरत भी नहीं होती है जिससे लोगों के समय की भी बहुत बचत होती हैं. वर्तमान भारत में कुल 22 राष्ट्रीय कृत बैंक है और अन्य प्राइवेट बैंक, जो ATM की सुविधा से लैस है.

ATM दो प्रकार के होते है पहला एटीएम आपको सिर्फ पैसे निकालने और account balance की information देता है वही दुसरे एटीएम में आप पैसे जमा (Deposit) व क्रेडिट कार्ड भुगतान कर सकते हो और खाता जानकारी भी हासिल कर सकते हो. ATM का प्रयोग केवल बैंक ग्राहकों द्वारा पैसो के लेन देन के लिए किया जाता है. 

बैंक Users अपने account को एक विशेष प्रकार के प्लास्टिक कार्ड से access कर सकता है. जिसे हम ATM Card कहते हैं. इस Card के ऊपर एक Magnetic Strip पर User की सारी जानकारी Encoded होती है. इस Strip (पट्टी) में एक Identification Code दिया होता है जो बैंक के Central Computer पर Modem द्वारा प्रेषित होता है. Users अपने Account तक पहुँचने और अपने खाते के लेनदेन की प्रक्रिया के लिए डेबिट/क्रेडिट कार्ड को ATM में डालना होता हैं या यूं कहे की एटीएम से पैसे निकालने के लिए मुख्यतः दो तरह के Card का इस्तेमाल किया जाता है डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड. लेकिन क्रेडिट कार्ड की तुलना में Debit Card का ज्यादा इस्तेमाल होता है.

एटीएम मशीन के पार्ट्स – Parts of ATM Machine

ATM में दो प्रकार के उपकरण (Devices) होते हैं जिन्हे हम इनपुट (Input Devices) और आउटपुट (Output Devices) डिवाइसेस कहते हैं जो कि Users को आसानी से पैसे निकालने या जमा करने में मदद करते हैं.

ए.टी.एम के मूल Input और Output Devices नीचे दिए गए हैं.

ATM Input Device:

Card Reader: यह Debit या Credit Card पर लगी Magnetic Chip को Scan करता है. इसे जो Information मिलती है ये उसे Processor को भेज देता है जिससे कि Display पर User की सारी Information आ जाती है.

Keypad: यह User को Display पर आ रहे Options select करने के लिए और Pin Code Input करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. जैसे Mini Statement चेक करने के लिए या आप कितना पैसा निकालना चाहते हैं आदि का Input करने की अनुमति देता है. यह स्क्रीन के ठीक निचे की तरफ होता है

ATM Output Device:

Display Screen: Basic Computer की तरह इसमें User को सारे Options व Transaction Process की डिटेल्स Screen पर दिखती है. इसका उपयोग खाता संबंधी जानकारी जैसे Account होल्डर का नाम, उपलब्ध व शेष राशि, इत्यादि को प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है. 

Speaker: अधिकांश ATM मशीन में स्पीकर उपलब्ध होते हैं. इससे key को press करने या Option को select करने पर आवाज सुनाई देती है और अगर User को कोई जरूरी सूचना देनी हो तो वह Speaker की मदद से ही दी जाती है.

Cash Dispenser : यह ATM Machine के सबसे महत्वपूर्ण Output डिवाइसों में से एक है. इसका उपयोग नकदी निकालने के लिए किया जाता है. इसकी एक खासियत यह भी है कि Dispense किये गए Cash को अगर न उठाया जाए तो यह उसे वापस Machine में ही लौटा देता है और आपका Transaction रद्द हो जाता है.

Receipt Printer : यह आपके Mini statemant, Balance enquiry या Transaction से संबंधित एक रसीद (Reciept) प्रदान करता है जिसमें निकासी राशि, शेष राशि, दिनांक, समय, स्थान आदि शामिल होते हैं. जो Atm के अंदर लगे Printer से Print होती है

ATM कैसे काम करता है – How ATM Works?

ATM Machine में एक Input और चार Output Terminals होते है, जो कि अलग-अलग Transactions में मदद करते हैं. जब User ATM card को Machine में लगता है तब वो Card को Scan करता है. कुछ ATM मशीनों में आपको अपने कार्ड drop करने पड़ते हैं और कुछ मशीनें आपको Card Swap करने की अनुमति देती हैं. जैसा कि मैं पहले ही बता चुकी हूं इन Plastic ATM Card में एक Magnetic chip के रूप में आपके बैंक Account का विवरण और अन्य सुरक्षा जानकारी होती है.

जब आप अपना डेबिट/क्रेडिट कार्ड Drop/Swap करते हैं, तो मशीन को आपके खाते की जानकारी मिल जाती है और वह आपका ATM PIN (Personal Identification Number) नंबर मांगता है और सफल Authentication के बाद, ATM मशीन Transaction की अनुमति देता है और Cash Dispenser की मदद से Cash को Slot में निकाल देती है जिसे User ले जा सकता है. इसके साथ-साथ उसमें लगा Printer Cash Withdrawal की Slip भी देता है, जिसमे इस पूरे Transaction की जानकारी होती है.

नोट: सारे ATM satellite communication के जरिये बैंको के Server से जुड़े होते है. इसलिए बैंक User  कभी भी कही भी किसी भी ATM Machine से बड़ी आसानी से पैसे निकाल सकते है.

ATM के फायदे – Advantages Of ATM Machine

वर्तमान में ATM Machine एक बहुत जरूरी Device है. आज लगभग हर देश के हर कोने में  ATM की सुविधा उपलब्ध है. वैसे तो इस machine से हम Cash से जुड़े कई सारे काम कर सकते हैं. मूल रूप से इसका इस्तेमाल Cash Withdraw करने के लिए किया जाता है. लेकिन इसकी मदद कई अन्य काम भी किये जा सकते हैं.

ATM Machine से आप नीचे दिए गए सभी कामो को बड़ी आसानी से कर सकते हैं.

1) Cash Withdrawal and balance enquiry: इससे आप नकद निकासी और बैलेंस पूछताछ आदि अपने Bank Account में से कर सकते हैं.

2) Cash and Cheque Deposit: इसकी मदत से आप Cash और Cheque को अपने Bank Account में जमा कर सकते हैं.

3) Fund Transfer (फंड ट्रांसफर): इससे आप एक Bank Account से दूसरे Account में Cash को बहुत आसानी से Transfer कर सकते हैं.

4) पिन परिवर्तन और मिनी स्टेटमेंट (PIN change and mini statement) – ATM का इस्तेमाल करके आप पिन कोड /नया पिन एवं मिनी स्टेटमेंट भी प्राप्त कर सकते है.

5) बिल भुगतान और मोबाइल रिचार्ज (Bill Payments and Mobile Recharge) आदि.

6) 24*7 Service – ATM मशीन की service 24*7 होती है. जिससे Bank customers दिन हो या रात जब चाहे पैसे निकाल या जमा कर सकता है.

एटीएम के प्रकार – Types of ATM in Hindi

ATM के निम्न प्रकार के होते हैं.

Onsite ATM (ऑन-साइट एटीएम) : ऐसे ATM जो बैंक परिसर के अंदर संचालित या स्थित होते हैं. ऑनसाइट एटीएम कहलाते हैं.

Offsite ATMs (ऑफ साइट एटीएम): ऐसे ATM जो बैंक परिसर के बाहर स्थित होते हैं जैसे शॉपिंग मॉल, मार्केट, आवासीय सोसायटी आदि. वे ऑफसाइट एटीएम कहलाते हैं.

White Label ATM (वाइट लेबल एटीएम): ये वे ATM हैं जिनका स्वामित्व और संचालन गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (Non-Banking Financial Company) द्वारा किया जाता है. वाइट लेबल एटीएम कहलाते हैं.

Yellow Label ATM (येलो लेबल एटीएम ): ऐसे ATM जो मुख्य रूप से ई-कॉमर्स (e-Commerce) लेनदेन के लिए स्थापित किए गए हैं. येलो लेबल एटीएम कहलातेहैं.

Brown Label ATM (ब्राउन लेबल एटीएम): ये वे ATM हैं, जहां मशीन का स्वामित्व बैंक के पास नहीं है, बल्कि इसे लीज पर लिया गया होता है लेकिन Banking Network के लिए Cash Management और Connectivity एक बैंक द्वारा ही प्रदान की जाती है. इन्हे ब्राउन लेबल एटीएम कहा जाता हैं.

Orange Label ATM(ओरेंज लेबल एटीएम): ऐसे ATM जो मुख्य रूप से शेयर लेनदेन (Share Transaction) के लिए स्थापित किए जाते हैं. ओरेंज लेबल एटीएम कहलाते हैं.

Pink Label ATM (पिंक लेबल एटीएम): ऐसे ATM जो मुख्य रूप से महिला बैंकिंग के लिए लगाए गए हैं. पिंक लेबल एटीएम कहलाते हैं.

Green Label ATM (ग्रीन लेबल एटीएम): ऐसे ATM जो मुख्य रूप से कृषि से संबंधित लेनदेन के लिए स्थापित किए जाते हैं. ग्रीन लेबल एटीएम कहलाते हैं.

FAQ: ATM के बारे में रोचक तथ्य – Interesting Facts about ATM

ATM का आविष्कारक किसने किया?

ATM का आविष्कारक जॉन शेफर्ड बैरोन किसने किया था. 

जॉन शेफर्ड बैरोन ने एटीएम के लिए 6 अंकों का पिन नंबर रखने के बारे में सोचा, लेकिन उनकी पत्नी के लिए 6 अंकों का पिन याद रखना आसान नहीं था, इसलिए उन्होंने 4 अंकों का ATM पिन नंबर तैयार करने का फैसला किया.

भारत में पहला एटीएम कब लगा?

भारत में पहला ATM सितम्बर 1987 में मुंबई में City Bank और HSBC (हांगकांग और शंघाई बैंकिंग कॉर्पोरेशन) बैंक में लगाया गया.

दुनिया का पहला तैरने वाला एटीएम (Floating ATM) कहाँ लगाया गया ? 

दुनिया का पहला तैरने वाला एटीएम Kerla (kochi) में भारतीय स्टेट बैंक(एसबीआई) द्वारा  लगाया गया.

दुनिया का पहला ATM कब स्थापित किया गया था?

दुनिया का पहला एटीएम 27 जून 1967 को Landon के Barclays Bank में स्थापित किया गया था.

ATM का उपयोग करने वाला पहला व्यक्ति कौन था?

सबसे पहले Atm का उपयोग करके Cash निकालने वाले व्यक्ति मशहूर कॉमेडी अभिनेता Reg Warne थे.

भारत देश में कुल ATM की संख्या कितनी है?

भारत देश में कुल ATM की संख्या 2,21,703 (till March 2019)

भारत के किस बैंक में एटीएम की संख्या सबसे अधिक है?

State Bank Of India (एसबीआई) में एटीएम की संख्या सबसे अधिक है.

क्या ATM Machine के अन्दर GPS लगा होता है?

हाँ, ATM Machine के अन्दर GPS लगा होता है जिससे अगर उसे चुराया भी जाये तो उसकी Location का पता आसानी से चल सकता है.

Bio Metric ATM क्या होता है?

ब्राजील में बायोमेट्रिक एटीएम का उपयोग किया जाता है. इसमें Bank Users को Cash निकालने से पहले इन ATM पर अपनी उंगलियों को स्कैन करना पड़ता है.

निष्कर्ष – एटीएम का फुल फॉर्म क्या है?

मैं आशा करती हूं कि आपको यह आर्टिकल एटीएम का फुल फॉर्म क्या है और ये कैसे काम करता है अच्छा लगा होगा और अब आपके काफी प्रश्नों का जवाब भी मिल गया होगा लेकिन फिर भी अगर आपको इस बारे में कुछ पूछना है तो कमेंट बॉक्स के जरिए पूछ सकते हैं और इस एटीएम की जानकारी हिंदी में प्राप्त करके इसका लाभ उठाएं और हमारी इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर कर लोगों को ATM क्या होता है की जानकारी प्रदान कराएं.

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मेरा नाम Seema Verma है, मैं Lucknow की रहने वाली हूँ, ब्लॉग लिंखना मुझे अच्छा लगता है ताकि मैं विभिन्न प्रकार की Internet और Technology से जुड़ी जानकारियाँ लोगों में शेयर कर सकूँ इसलिए मैं आशा करती हूँ कि मेरे द्वारा लिखी गयी Blog Post आप लोगों को पसंद आयेगी। अगर आप मुझसे जुड़ना चाहते हैं। हमें मेल करे.

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