मोर पर निबंध – Essay on Peacock in Hindi

हाय दोस्तों आज मैं जिस टॉपिक के बारे में बताने जा रही हूं वह मोर पर निबंध (Essay on Peacock in Hindi) जैसा कि सभी जानते हैं कि मोर एक बहुत ही सुंदर पक्षी होता है और इसे हमारे देश का राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया है इसलिए ज्यादातर स्कूलों में mor par nibandh लिखने को बोल दिया जाना जाता है ताकि बच्चे मोर की प्रकृति को अच्छे से समझे और राष्ट्रीय पक्षी मोर के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करें इसलिए बच्चों की सहायता हेतु हमने इस लेख को बनाया है जिसमें मोर के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी देने की कोशिश की है जिसे आप अंत तक जरूर पढ़ना.

Essay on Peacock in Hindi
Essay on Peacock in Hindi

राष्ट्रीय पक्षी मोर (Peacock) के बारे में संपूर्ण जानकारी हिंदी में

प्रस्तावना

मोर हमारे भारत देश का राष्ट्रीय पक्षी है मोर देखने में बहुत ही सुंदर लगता है मोर के बहुत ज्यादा पंख होते हैं और यह पंख रंग बिरंगी होते हैं मोर एक बहुत ही बड़ा पक्षी होता है.

मोर की लंबाई 1 मीटर से अधिक होती है मोर की गर्दन बहुत लंबी होती है और मोर के सिर पर मुकुट बना होता है मोर के पंख बहुत लंबे वर सतरंगी होते हैं जो कि देखने में बहुत ही आकर्षक लगते हैं खासकर बच्चों को बहुत ही अच्छे लगते हैं बहुत से बच्चे अपने किताब के बीच में रखना पसंद करते हैं 

मोर के पंजे नुकीले होते हैं मोर एक सर्वाहारी पक्षी होता है वैसे तुम और पूरे देश में पाए जाते हैं परंतु जंगलों में अधिक पाए जाते हैं मोर की गर्दन का रंग हरा और नीला होता है मोर के टांगों के आकृति [ > ] आकार की होती हैं

मोर को बसंत व वर्षा ऋतु अधिक प्रिय होती है और यह इस मौसम में अपने पंखों को फैला कर नाचते हैं एक बड़े आकार का पक्षी होता है इसलिए मोर का वजन अन्य पक्षियों की तुलना में अधिक होता है मोर अपने समुदाय में ही रहना अधिक पसंद करते हैं और अपने आकार व वजन को के कारण अधिक ऊंचाई तक नहीं उठ सकता मोर सांप को अपना शिकार बना कर उसको खा जाता है मोर एक शाकाहारी और मांसाहारी पक्षी है मोर को हम सर्वाहारी भी कह सकते हैं

मोर पर निबंध 400 शब्दों में (CLASS 4 – 5)

मोर का हमारे भारतीय संस्कृति से बहुत गहरा संबंध है जो कि प्राचीन काल से ही चला आ रहा है मोर को भगवान कृष्ण के प्रतीक के रूप में माना जाता है इसलिए मोड़ को हमारे भारतीय साहित्य चित्रकला मूर्तिकला व नक्काशी में स्थान दिया गया है.

मोर का निवास

मोर बहुत ही सुंदर पक्षी होता है और मोर की अलग-अलग देशों में अलग-अलग प्रजातियां भी पाई जाती हैं मोर ज्यादातर गर्म क्षेत्रों में ही रहना पसंद करता है.

मोरों की ज्यादातर संख्या राजस्थान उत्तर प्रदेश हरियाणा में पाई जाती हैं मोर में वातावरण व मौसम के अनुसार अपने को ढालने की क्षमता होती है इसलिए मोर लगभग सभी स्थानों पर पाए जाते हैं क्योंकि मोर अमेरिका और यूरोप में बर्फीली और पहाड़ी इलाकों में भी अच्छे से अपना जीवन निर्वाह कर लेता है.

मोर ज्यादातर स्थाई जल सूत्रों के पास जंगल झाड़ियों में रहना पसंद करता है क्योंकि आम तौर पर आपने देखा होगा कि मोर हमेशा पानी के नजदीक ही देखने को मिल जाते हैं मोर खेतों गांवो शहरी और मानव निवास स्थान के क्षेत्रों में अधिकतर पाए जाते हैं.

मोर के भौतिक लक्षण

मोर एक शांत स्वभाव वाला पक्षी होता है मोर रात को सोने के लिए किसी बड़े व लंबे पेड़ की शाखाओं का चुनाव करता है मोर बहुत ही शर्मीले स्वभाव के होते हैं अपने स्वभाव के कारण ही मोर अकेले रहना ज्यादा पसंद करते हैं 

मोर के शरीर का रंग नीले और बैंगनी रंग का होता हैजो कि देखने में आकर्षक लगता हैं और इसी वजह से मोड़ को नीलकंठ भी कहा जाता है मोर के पैरों का रंग मटमैला सफेद रंग का होता है पंजे चौड़े और नुकीले होते हैं मोर की आंखें छोटी और काले रंग की होती हैं 

मोर का वजन 6 से 10 किलो तक की होता है मोर का जीवनकाल लगभग 15 से 20 वर्ष का होता है मोर के लगभग 200 से ज्यादा पंख होते हैं और इन पंखों की लंबाई लगभग 1 मीटर होती है जो कि देखने में बहुत सुंदर बहुत ही सुंदर व आकर्षक लगते हैं मोर के सिर पर एक ताज जैसा मुकुट होता है

मोर के प्रकार – Types of Peacock in Hindi

मोर अपने स्वभाव और प्रकृति के अनुसार मुख्य चार प्रकार के होते हैं जो कि इस प्रकार है हरी मोर (Green Peafowl), कांगो मोर (Congo peafowl), बर्मीज़ मोर और भारतीय मोर (Indian peafowl) या नीला मोर (पावो क्रिस्टेटस). लेकिन भारतीय मोर और बर्मीज़ मोर के मध्य एक खास विभिन्नता पाई जाती है जिसकी वजह से यह एक दूसरे से थोड़ा अलग दिखते हैं भारतीय मोर (Indian Peacock) के सिर पर चांद के आकार का शिला बना होता है जबकि बर्मीज मोर में मुखर शिखा होती हैं.

मोर पर निबंध 500 से 600 शब्दों मेंPeacock Essay in Hindi (600 Words)

भूमिका

मोर जँगल के पक्षियों में राजा माना जाता हैं मोर हमारे भारत देश का राष्ट्रीय पक्षी है मोर देखने में बहुत ही सुंदर लगता है मोर के बहुत ज्यादा पंख होते हैं और यह पंख रंग बिरंगी होते हैं मोर एक बहुत ही बड़ा पक्षी होता है. मोर को भारत का राष्ट्रीय पक्षी 26 जनवरी 1963 में घोषित किया गया था.

कवि कालिदास ने भी (छठी शताब्दी) इसे उस जमाने में राष्ट्रीय पक्षी का दर्जा दिया था. देवी-देवताओं से सम्बन्ध होने के कारण हिन्दू समाज इसे दिव्य पक्षी मानता है. जो सम्मान गौ माता को दिया जाता है वही मोर को भी देते हैं.  मोर की लंबाई 1 मीटर से अधिक होती है मोर की गर्दन बहुत लंबी होती है और मोर के सिर पर मुकुट बना होता है मोर के पंख बहुत लंबे वर सतरंगी होते हैं जो कि देखने में बहुत ही आकर्षक लगते हैं खासकर बच्चों को बहुत ही अच्छे लगते हैं बहुत से बच्चे अपने किताब के बीच में रखना पसंद करते हैं.

मोर के पंजे नुकीले होते हैं मोर एक सर्वाहारी पक्षी होता है वैसे तुम और पूरे देश में पाए जाते हैं परंतु जंगलों में अधिक पाए जाते हैं मोर की गर्दन का रंग हरा और नीला होता है मोर के टांगों के आकृति [ > ] आकार की होती हैं. मोर के सौन्दर्य से प्रभावित होकर शाहजहां ने एक मयूरासन बनवाया. मोर को फारसी में ‘ताऊस’ कहते हैं.

मोर को बसंत व वर्षा ऋतु अधिक प्रिय होती है और यह इस मौसम में अपने पंखों को फैला कर नाचते हैं. मोर एक बड़े आकार का पक्षी होता है इसलिए इसका वजन अन्य पक्षियों की तुलना में अधिक होता है. मोर अपने समुदाय में ही रहना अधिक पसंद करते हैं और अपने आकार व वजन को के कारण अधिक ऊंचाई तक नहीं उठ सकता मोर सांप को अपना शिकार बना कर उसको खा जाता है मोर एक शाकाहारी और मांसाहारी पक्षी है मोर को हम सर्वाहारी भी कह सकते हैं. मोरनी हर साल दो बार 4 से 5 अंडे देती है जिनमें से एक या दो ही सही सलामत रह पाते है. मोर का जीवनकाल लगभग 15 से 25 वर्ष की अवधि का होता है.

मोर का महत्व – Importance of Peacock

प्रकृति में सभी जीव जंतु पशु पक्षियों का अपना अलग-अलग महत्व होता है परंतु जब बात मोर पक्षी की हो तो महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि मोर को हमारी भारतीय संस्कृति व हिंदू धर्म में काफी महत्व दिया गया है क्योंकि प्राचीन काल से ही मोर को पूजनीय माना जाता आ रहा है क्योंकि भगवान कृष्ण मोर के पंख को अपने सिर पर धारण करते थे और भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय का वाहन मोर ही था मोर को मयूर भी कहा जाता है

मोर को हमारे देश में शिष्टता व सुंदरता का प्रतीक माना गया है इसीलिए मोर को हमारे भारत देश का राष्ट्रीय पक्षी (National Bird) माना गया है वैसे मोर को तो पूरी दुनिया में योग व सुंदर पक्षी माना गया है

मोर को चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष महत्व प्राचीन काल से ही  दिया गया है मोर के पंखों को सजावट के कामों में भी खूब प्रयोग किया जाता है इसलिए व्यवसाय की दृष्टि से भी मोर को विशेष महत्व दिया गया है

मोर का खान पान

मोर को मासाहारी पक्षी कहां जाता है क्योंकि यह कीड़े-मकोड़े व छोटे स्तनपाई जीव, सांप, गिलहरी, चूहे आदि को खा जाता है हालांकि तालाब और झील आदि के आसपास रहने वाले मोर पेड़ से गिरे फल, बीज, सब्जियां आदि भी खाते हैं परंतु इन्हें जंगलों में कीड़ो, छोटे सांप और जीवों को खाना पड़ता है.

यह बड़े सांप से दूरी बनाये रखते हैं क्योंकि यह बड़े सांप को आसानी से नहीं मार पाते हैं. वह मोर जो खेतों के आसपास के जगहों में पाए जाते हैं वह मूंगफली, टमाटर, मटर, केले, धान व अन्य सभी शाकाहारी सब्जियां खाना पसंद करते हैं परंतु मानव बस्तियों में यह मानव द्वारा फेंके हुए खदया पदार्थों आदि पर भी निर्भर रहते हैं. जंगल, तालाब और झील आदि के आसपास रहने वाले मोर

मोर संरक्षण हेतु कानून

जैसा कि हम सभी को पता है कि मोर हमारे भारत देश का राष्ट्रीय पक्षी है तो ऐसे में हम सभी का यही कर्तव्य है कि अपने राष्ट्रीय पक्षी मोर की सुरक्षा करें और मोर को सुरक्षा प्रदान करने हेतु भारत सरकार द्वारा वन जीव संरक्षण अधिनियम 1972 को बनाया गया है जिससे वन्यजीवों की अवैध तस्करी ,शिकार और व्यापार को रोका जा सके इसी के अंतर्गत 1972 में भारत सरकार द्वारा मोर  संरक्षण कानून बनाया गया है ताकि मोरों को संरक्षित कर मोरों की घटती जनसंख्या को रोका जा सके इसी को ध्यान में रखते हुए देश भर में काफी उद्यान और अभयारण्य का निर्माण किया गया है ताकि वन जीवो को उचित वातावरण प्राप्त हो सके.

मोर की विशेषताएं: मोर पर 10 वाक्य (मोर पर निबंध CLASS 2 – 3)

  • मोर हमारे भारत देश का राष्ट्रीय पक्षी है
  • मोर देखने में बहुत ही सुंदर लगता है
  • मोर पक्षी पूरे भारत देश में पाए जाते हैं
  • मोर वर्षा ऋतु में पंख फैला कर नाते हैं
  • मोर की गर्दन लंबी होती है 
  • मोर कीड़े मकोड़े व सांप को खाता है
  • मोर के पंख हरे नीले रंग के होते हैं
  • मोर की लंबाई लगभग 1 मीटर होती है
  • मोरनी का रंग भूरा और आकार में छोटी होती है
  • मोर के सिर पर कलगी होती 
  • मोर एक सर्वाहारी पक्षी होता है
  • मोर को भारत का राष्ट्रीय पक्षी 26 जनवरी 1963 में घोषित किया गया था
  • मोर का जीवनकाल लगभग 15 से 25 वर्ष की अवधि का होता है

उपसंहार 

वैसे तो मोर अति सुंदर व बहुत आकर्षक पक्षी है लेकिन फिर भी बहुत से निर्दयी इंसान इनको जीता जागता हुआ देखना नहीं चाहते हैं. बहुत से शिकारी मोर का शिकार खाने के करते हैं पर साथ-ही-साथ उनकी खाल को पैसे कमाने के भी बेच देते हैं. इन सब चीजों को देखते हुए भारत सरकार ने मोर का शिकार करने के विरुद्ध बहुत से शक्त कानून पारित किये हैं जिससे अब मोर का शिकार करना काफी हद तक कम हो गया है. भारत में मोर की स्थिति दूसरे देशों से बहुत ही अच्छी है.

मोर हमारे भारत देश की आन-बान और शान है अतः हम सब मिलकर इसका शिकार होने से बचाएं क्योंकि दिन-प्रतिदिन इनकी संख्या लगातार कम होती जा रही है इसलिए लोगों को मोर के महत्व के बारे में ज्यादा से ज्यादा अवगत कराएं.

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